विश्लेषणात्मक सेवायें

संस्थान शर्करा उत्पाद में प्रयोग किये जाने वाली विविध सामग्रियों, शर्करा एवं शर्करा संबंधित अन्य उत्पादों के विश्लेषण के लिये मामूली शुल्क के आधार पर सेवायें प्रदान करता है। अधिक जानकारी के लिये संस्थान के निदेशक से संपर्क किया जा सकता है।

इस प्रभाग द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं की विस्तृत जानकारी एवं शुल्क संबंधित विवरण के लिये (प्रभाग क्र. सं. 6 एवं 8 को छोड़कर अन्य सभी सेवायें प्रदान करता है) यहां बटन दबायें।

उपरोक्त शुल्क संबंधित शुल्क तथा इस प्रकार के अन्य सर्विस टैक्स (कर) के रूप में शामिल नहीं है तथा इनका भुगतान संबंधित कारखानों द्वारा वहन किया जाता है।

समन्वित अनुसंधान-

जिनसे यह संबंधित है.......

यह संस्थान शर्करा एवं उससे संबंधित उद्योगों के साथ समन्वित अनुसंधान में लगी हुई है।

इस व्यवस्था के अंतर्गत संस्थान संबंधित उद्योगों की समस्याओं पर अनुसंधान कार्य करता है तथा इसके लिये किसी प्रकार का परामर्श सेवा शुल्क वसूल नहीं करता है।

अधिक जानकारी के लिये संस्थान के निदेशक से संपर्क कियाजा सकता है।

राष्ट्रीय शर्करा संस्थान संबंधित पेटेंट

राष्ट्रीय शर्करा संस्थान संबंधित पेटेंट ..

शर्करा एवं अल्कोहल उत्पादन संबंधित नवीन खोजों को लिये संस्थान में अनेक शोध किये गये हैं, जिससे नई खोजों के क्षेत्र में यह संस्थान अग्रणी है।

इन खोजों को शर्करा उद्योगों के लिये बिना किसी शुल्क एवं प्रतिबंध के संस्थान द्वारा उपलब्ध कराया जाता है। भूमंडलीकरण के दौर में बौद्धिक संपदा अधिकार एवं पेटेंट की आवश्यकता बढ़ती जा रही है।

इसके साथ दिमाग में निम्नलिखित पेटेंट प्राप्त किए गए हैं। इस विषय को ध्यान में रखते हुये निम्नलिखित पेटेंट अधिकार प्राप्त किये गये हैं। अन्य जानकारियां (.......)


शर्करा मानक ब्यूरो-

नवीन शर्करा मानक सत्र 2019-20 के लिये राष्ट्रीय शर्करा संस्थान, कानपुर द्वारा 1 अक्टूबर, 2019 से जारी।
( परिपत्र को देखने के लिए क्लिक करें )


        शर्करा मानक के लिये आनलाइन आवेदन हेतु फार्म(SSOP) फार्म

भारत के राजपत्र सं. 1675, दि. 29 अगस्त, 2011 ,(राजपत्र देखने के लिये यहां बटन दबायें) के अनुसार प्रत्येक शर्करा उत्पादक को भारतीय शर्करा मानक वर्ग को शर्करा मानक ब्यूरो, राष्ट्रीय शर्करा संस्थान, कानपुर से प्रत्येक शर्करा उत्पादन सत्र के लिये शर्करा मानक खरीदना अनिवार्य है।

                      संस्थान के द्वारा इस सत्र के लिये नई कांच की बोतलों (शीशियों) की खरीद की गई है अतः इस सत्र में पुराने खाली बोतल स्वीकार नहीं किये जायेंगें। शर्करा उत्पादकों से अनुरोध है कि संस्थान से शर्करा मानक के मांगपत्र के साथ खाली शीशियां न भेजें। अगले सत्र से शर्करा मानक भेजने हेतु इस बार प्रयोग किये गये खाली बोतलों को स्वीकार किया जायेगा।



पेराई सीजन 2011-12 से प्रभावी एस 29 ग्रेड शर्करा मानकों का उन्मूलन